अभिज्ञानशाकुन्तले श्लोकचतुष्टयम्

कविता-वनिता-विलासः, वाणीपादपद्मविसजीविरसिकराजहंसः महाकवि-कालिदासः संस्कृतसाहित्यजगति देदीप्यमानदीपशिखेव राजते। अतः उच्यते- “KALIDS THE SHAKESPEARE OF INDIA.” पुनश्च – “पुष्पेषु जाती नगरेषु काशी नारीषु रम्भा पुरूषेषु विष्णुः । नदीषु गङ्गा क्षितिषेषु रामः काव्येषु माघः कविकालिदासः”॥ इति॥ कविकुलगुरुकालिदासः संस्कृतसाहित्याकाशस्य उज्ज्वलतारकासदृशः अस्ति । तस्य पीयूषस्त्रविणी अमोधवर्षिणी लेखनीतः नाटयत्रयं यथा – मालविकाग्निमित्रम्, विक्रमोर्वशीयम्, अभिज्ञानशाकुन्तलम्, महाकाव्यद्वयं-कुमारसम्भवम्, रघुवंशम्, गीतिकाव्यद्वयं – ऋतुसंहारः, मेघदूतम्, इति सृजति । एतासु रचनासु अभिज्ञानशाकुन्तलम् सर्वश्रेष्ठं …

दशा माता व्रत

शीतलाष्टमी (बसौडा) विशेष 〰️〰️🔸〰️〰️🔸〰️〰️ व्रत महात्म्य एवं विधि 〰️〰️🌼〰️🌼〰️〰️ यह व्रत चैत्र मास के कृष्ण पक्ष में अष्टमी या लोकाचार में होली के बाद पड़ने वाले पहले सोमवार अथवा गुरुवार को भी किया जाता है। शुक्रवार को भी इसके पूजन का विधान है, परंतु रविवार, शनिवार अथवा मंगलवार को शीतला का पूजन न करें। इन वारों में यदि अष्टमी तिथि …

शमी वृक्ष (खेजड़ी) का महत्व एवं पूजन विधि

शमी (खेजड़ी) वृक्ष का महत्त्व एवं पूजन विधि 〰️〰️🌼〰️〰️🌼〰️〰️🌼〰️〰️🌼〰️〰️ शमी वृक्ष की पूजा करने के नियम 〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️ स्नानोपरांत साफ कपड़े धारण करें। फिर प्रदोषकाल में शमी के पेड़ के पास जाकर सच्चे मन से प्रमाण कर उसकी जड़ को गंगा जल, नर्मदा का जल या शुद्ध जल चढ़ाएं। उसके बाद तेल या घी का दीपक जलाकर उसके नीचे अपने शस्त्र …